राजस्थान पंचायत चुनाव: भाजपा का 'मिशन ग्रामीण सरकार' तैयार, चुनावी शंखनाद का इंतज़ार

राजस्थान पंचायत चुनाव: भाजपा का 'मिशन ग्रामीण सरकार' तैयार, चुनावी शंखनाद का इंतज़ार

Rajasthan Panchayat Elections

Rajasthan Panchayat Elections: BJP's 'Mission Rural Government' ready,

जयपुर: Rajasthan Panchayat Elections: BJP's 'Mission Rural Government' ready, राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति लगभग तैयार कर ली है। अब पार्टी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने का इंतजार कर रही है। ग्रामीण सरकार के गठन को पार्टी सत्ता और संगठन दोनों के लिए अहम मान रही है, इसलिए तैयारी पहले से शुरू कर दी गई थी। सरकार स्तर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में विभिन्न संभागों के नेताओं के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा पंचायत चुनावों की रणनीति तय करना था। दूसरी ओर संगठन स्तर पर जिला परिषद चुनाव समिति और पंचायत चुनाव समिति के नाम भी तय कर लिए गए हैं।

चुनाव कार्यक्रम के साथ होगी घोषणा

राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है और संभवत: अगले महीने चुनाव होंगे। जैसे ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा, पार्टी इन समितियों के नाम सार्वजनिक कर देगी। इसके साथ ही चुनाव प्रभारियों की सूची भी जारी की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर चुनावी गतिविधियां तेज की जा सकें।

भाजपा ने अनुभवी नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी

पार्टी ने पंचायत चुनाव की जिम्मेदारी प्रदेश के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को दी है। इनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी सहित अन्य प्रमुख चेहरे शामिल हैं। परिसीमन और पुनर्गठन से जुड़ी सिफारिशों को तैयार करने में भी इन नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पार्टी ने इस प्रक्रिया में यह ध्यान रखा कि संगठनात्मक ढांचे और नए परिसीमन का लाभ चुनावी रणनीति में मिल सके।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 फरवरी को कोटा, भरतपुर एवं अजमेर संभाग के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया।

विधानसभा स्तर पर लगाए विस्तारक

भाजपा ने पंचायत चुनावों की तैयारी के तहत विधानसभा स्तर पर विस्तारक भी नियुक्त किए थे। इन विस्तारकों को अन्य कार्यक्रमों की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत चुनाव से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने का कार्य दिया गया। इनके माध्यम से पार्टी ने जमीनी फीडबैक जुटाने और मतदाताओं की नब्ज समझने का प्रयास किया। इसी आधार पर आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।

अगले महीने संभव चुनाव, कई निकायों का कार्यकाल शेष

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। प्रदेश में 4.02 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14 हजार 403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में 12 जिला परिषद और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी शेष है, जो सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। 5 सितंबर तक 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त होगा। 29 अक्टूबर तक 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियों का कार्यकाल खत्म होगा, जबकि 22 दिसंबर तक 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। पार्टी और संगठन दोनों स्तर पर सक्रियता को देखते हुए संकेत हैं कि चुनावी बिगुल बजते ही ग्रामीण राजनीति में सरगर्मी तेज हो जाएगी।